उत्तरप्रदेश

पराली, धूल और औद्योगिक प्रदूषण पर सरकार की नजर, NCR में 30 से ज्यादा बैठकें

लखनऊ:- उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें एनसीआर से जुड़े उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई। बैठक में नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर समेत एनसीआर क्षेत्र से जुड़े जिलों में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों और उनकी रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।

पुराने वाहनों और ईवी नीति पर चर्चा

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि बैठक में वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए पुराने वाहनों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की अनिवार्यता और एग्रीगेटर वाहनों से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। सरकार का फोकस परिवहन क्षेत्र से होने वाले उत्सर्जन को कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने पर है।

80 फीसदी उद्योगों में निगरानी व्यवस्था लागू

औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि करीब 80 प्रतिशत उद्योगों में ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) और एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस लगाए जा चुके हैं। बाकी उद्योगों में भी इन व्यवस्थाओं को लागू कराने की प्रक्रिया चल रही है। इस व्यवस्था के जरिए औद्योगिक इकाइयों से होने वाले उत्सर्जन की ऑनलाइन निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

धूल और निर्माण से होने वाले प्रदूषण पर भी फोकस

बैठक में सड़क और अन्य क्षेत्रों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनाइज्ड क्लीनिंग और डीप क्लीनिंग की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया। इसके अलावा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को प्रभावी तरीके से लागू करने पर चर्चा हुई। इसके लिए संबंधित विभागों और विभिन्न हितधारकों के साथ कंसल्टेशन कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति बनी।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ देश में पहले स्थान पर

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत देश के 130 शहरों के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने पहला स्थान हासिल किया है। आगरा समेत उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के प्रदर्शन को भी सराहनीय बताया गया। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य से अधिक पौधरोपण कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।

NCR में प्रदूषण को लेकर 30 से ज्यादा बैठकें

भूपेंद्र यादव ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ बैठक के बाद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ यह बैठक हुई है। आगे राजस्थान और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को आगे बढ़ाने की योजना है। पराली प्रबंधन को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है। एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति और नियंत्रण उपायों को लेकर पिछले दिसंबर से अब तक 30 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं।

63 छोटे शहरों के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे

बैठक में 63 छोटे शहरों के स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर प्रत्येक स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर वायु प्रदूषण से जुड़े उपायों की निगरानी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा समेत उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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