चंदन जीना मामले के बीच हरीश रावत का दावा- नौकरी दिलाने के बदले पैसे लेने का सवाल ही नहीं

देहरादून:- उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने खुद पर लगाए जा रहे नौकरी या राजनीतिक पद दिलाने के बदले पैसे लेने के आरोपों को खारिज किया है। सोशल मीडिया पर जारी एक भावुक पोस्ट में रावत ने अपनी मां की सौगंध लेते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी को नौकरी दिलाने के बदले पैसे नहीं लिए। उन्होंने यहां तक कहा कि किसी से पैसे लेना तो दूर, उन्होंने इसके बदले चाय या पानी तक स्वीकार नहीं किया। रावत का यह बयान उनके पूर्व ओएसडी और वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद आया है। ईडी ने 2016 की उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देहरादून समेत कई स्थानों पर तलाशी ली थी।
‘उम्र के इस पड़ाव में मुझ पर कलंक लगाने की कोशिश’
हरीश रावत ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और समाचारों के माध्यम से उनके खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे अपने खिलाफ एक योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा अभियान बताया। रावत ने अपनी मां का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी तीन माताएं हैं—जगत जननी, देवी भवानी और उत्तराखंड की धरती मां। उन्होंने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर उन पर कलंक लगाने का प्रयास किया जा रहा है और वह इस तरह के आरोपों के साथ जीवन समाप्त नहीं करना चाहते।
‘नौकरी या राजनीतिक पद के लिए कभी पैसा नहीं लिया’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने हजारों लोगों के काम के लिए सिफारिश की है। उनके मुताबिक, लोगों ने भी अलग-अलग मौकों पर उनकी मदद की, लेकिन उन्होंने किसी को नौकरी या राजनीतिक पद दिलाने के बदले पैसे नहीं लिए। रावत ने अपनी मां की सौगंध लेते हुए कहा कि यदि उन्होंने किसी के काम के बदले पैसा लिया हो तो उनकी मां उन्हें श्राप दें। उन्होंने कहा कि वह अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब जनता के बीच जाकर देंगे और अपनी बात लोगों के सामने रखेंगे।
चंदन सिंह जीना के परिवार को लेकर जताई चिंता
हरीश रावत ने चंदन सिंह जीना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जीना लंबे समय तक उनके साथ काम करते रहे हैं और अब उनकी संपत्ति से जुड़ी ईडी की कार्रवाई के बाद उनके परिवार और बच्चों की आजीविका को लेकर चिंता पैदा हुई है।
ईडी के मुताबिक, 10 सितंबर को की गई तलाशी के दौरान जीना के आवास से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं। एजेंसी के अनुसार सोने में 13 सिक्के और सात चेन शामिल थीं। जांच 2016 की VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले का हिस्सा है। इन बरामदगियों का उल्लेख ईडी की कार्रवाई के संदर्भ में किया गया है; उपलब्ध रिपोर्टिंग में इन्हें हरीश रावत द्वारा व्यक्तिगत रूप से पैसा लेने का प्रमाण नहीं बताया गया है। रावत ने भी खुद पर लगाए जा रहे ऐसे आरोपों से इनकार किया है।
2017 और 2022 के चुनावों का भी किया जिक्र
रावत ने अपने बयान में 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान अपने खिलाफ कथित तौर पर चलाए गए दुष्प्रचार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले भी उन पर कई तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन उनके मुताबिक अब तक उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया। हरीश रावत का यह बयान ऐसे समय आया है जब चंदन सिंह जीना से जुड़े ईडी तलाशी अभियान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। ईडी की कार्रवाई 2016 की UKSSSC VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी है।




