उत्तराखंड

7 आर्थिक कॉरिडोर और आधुनिक कनेक्टिविटी: CM धामी ने बजट को बताया भविष्योन्मुखी।

हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल भ्रमण के दौरान हल्द्वानी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में केंद्रीय बजट 2026-27 की जमकर प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने इसे ‘विकसित भारत-2047’ के सपने को साकार करने वाला और उत्तराखंड के समावेशी विकास के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि जन-सरोकारों का दस्तावेज है।

उत्तराखंड की झोली में क्या आया? (प्रमुख बिंदु)

मुख्यमंत्री ने बजट के उन पहलुओं पर विशेष प्रकाश डाला जो सीधे तौर पर उत्तराखंड को प्रभावित करेंगे:

  • रिकॉर्ड रेल बजट: उत्तराखंड को रेलवे के लिए ₹4,769 करोड़ का आवंटन मिला है, जो 2014 से पहले की तुलना में 26 गुना अधिक है।

  • राजस्व में वृद्धि: केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा अब ₹17,414.57 करोड़ होगा, जिससे उत्तराखंड को इस वर्ष ₹1,841.16 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि मिलेगी।

  • पूंजीगत सहायता: ‘स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स’ के तहत बजट को बढ़ाकर ₹1,85,000 करोड़ कर दिया गया है, जिसका सीधा लाभ उत्तराखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा।

विकास के नए आयाम: इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 लाख करोड़ से अधिक का राष्ट्रीय पूंजीगत व्यय आने वाली पीढ़ियों की शक्ति बनेगा:

  1. सात नए आर्थिक कॉरिडोर: इनसे उत्तराखंड के व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिलेगी।

  2. हाई-स्पीड रेल: दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर कनेक्टिविटी के नए द्वार खोलेंगे।

  3. अमृत स्टेशन योजना: उत्तराखंड के 11 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है और 100% रेल विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा हो चुका है।

महिला और युवा सशक्तिकरण: ‘लखपति दीदी’ से ‘उद्यमिता’ तक

सीएम धामी ने बताया कि बजट में सामाजिक ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष प्रावधान हैं:

  • महिला छात्रावास: प्रत्येक जनपद में महिला छात्रावासों की स्थापना से शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

  • लखपति दीदी योजना: अब महिलाओं को केवल आजीविका नहीं, बल्कि क्रेडिट-लिंक्ड सहायता देकर उद्यमी बनाया जाएगा।

  • टियर-2 और टियर-3 शहर: देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शहरों के विकास के लिए विशेष फंड का प्रावधान किया गया है।

हरित ऊर्जा और पर्यटन पर जोर

बजट में ग्रीन एनर्जी और सतत विकास पर बल दिया गया है, जो उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयुष, फार्मा, खादी और MSME उद्योगों को मिलने वाले प्रोत्साहन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई जान मिलेगी।

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