उत्तराखंड

एक्सप्रेसवे पर नफरत के ‘निशान’: पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश, CCTV खंगाले गए।

दिल्ली और देहरादून के बीच सफर को आसान बनाने वाले नवनिर्मित एक्सप्रेसवे पर एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और विवादित मामला सामने आया है। मोहंड के पास स्थित एलिवेटेड रोड पर कुछ असामाजिक तत्वों ने काले पेंट से लिखा— “ये रोड मुसलमानों के लिए नहीं है।” वीडियो में कुछ युवक सरेराह एक्सप्रेसवे की दीवारों पर यह नफरती संदेश लिखते हुए देखे गए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और चर्चा का माहौल है।

प्रशासन की कार्रवाई: मुकदमा दर्ज

वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद सहारनपुर प्रशासन तुरंत हरकत में आया।

  • बिहारीगढ़ थाना: थाना प्रभारी अक्षय शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात/संबंधित युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

  • साफ-सफाई: पुलिस ने दीवारों पर लिखी गई इस विवादित लिखावट को मिटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि शांति व्यवस्था भंग न हो।

हिंदू रक्षा दल का रुख: विवाद को दी हवा?

खबरों के अनुसार, विवादित टिप्पणी करने वाले लोग ‘हिंदू रक्षा दल’ से जुड़े बताए जा रहे हैं।

  • ललित शर्मा का बयान: संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “टैक्स हम देते हैं, तो सड़क पर चलना हमारा अधिकार है।” उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर कई लोग घटना को सही ठहराने या उसे ढकने के प्रयास के रूप में देख रहे हैं।

सोशल मीडिया पर आक्रोश

एक्सप्रेसवे के वीडियो ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। अधिकांश यूजर्स ने इसे देश के बुनियादी ढांचे पर ‘नफरत का हमला’ बताया है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों पर इस तरह की धार्मिक और भेदभावपूर्ण टिप्पणियां देश की छवि खराब करती हैं।

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