उत्तराखंड

विक्रम शर्मा मर्डर: क्या पुलिस अधिकारी के भाई ने रची थी साजिश? पूछताछ में जुटें दून पुलिस के अधिकारी।

राजधानी के सिल्वर सिटी इलाके में हुए सनसनीखेज गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में देहरादून पुलिस को पहली बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस की एक विशेष टीम ने झारखंड के जमशेदपुर से आरोपी राजकुमार को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़ा गया आरोपी झारखंड पुलिस के ही एक अधिकारी का सगा भाई बताया जा रहा है।

ऑनलाइन पेमेंट ने फंसाया: शूटरों को किया था भुगतान

देहरादून पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों को जो सुपारी दी गई थी, उसका भुगतान राजकुमार के बैंक खाते के जरिए किया गया था। डिजिटल ट्रेल का पीछा करते हुए पुलिस जमशेदपुर पहुंची और उसे धर दबोचा।

  • ट्रांजिट रिमांड: पुलिस आरोपी राजकुमार को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून ले आई है।

  • पूछताछ शुरू: अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस हत्याकांड के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है और राजकुमार का शूटरों से क्या संबंध है।

13 फरवरी की वो वारदात: जब दहल गई थी राजधानी

बता दें कि 13 फरवरी को देहरादून के पॉश इलाके सिल्वर सिटी में दिनदहाड़े गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि पुलिस ने फंड ट्रेल (पैसे के लेन-देन) के जरिए साजिशकर्ता तक पहुंचने में सफलता पाई है, लेकिन मुख्य शूटर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

शूटरों की तलाश तेज

राजकुमार की गिरफ्तारी को पुलिस इस केस का ‘टर्निंग पॉइंट’ मान रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि राजकुमार से पूछताछ के बाद उन शूटरों की लोकेशन भी मिल जाएगी, जिन्होंने विक्रम शर्मा पर गोलियां बरसाई थीं। जल्द ही इस पूरे हत्याकांड के पीछे के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है।

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