अंकिता भंडारी केस: उर्मिला सनावर की बड़ी मांग, मीडिया के सामने हो नार्को टेस्ट; 26 अक्टूबर को फिर सुनवाई – Bebaaq Khabar

अंकिता भंडारी केस: उर्मिला सनावर की बड़ी मांग, मीडिया के सामने हो नार्को टेस्ट; 26 अक्टूबर को फिर सुनवाई

अंकिता भंडारी हत्याकांड में जांच का सिलसिला जारी है। मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की पूछताछ के बाद भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और अभिनेत्री उर्मिला सनावर की सीबीआई कोर्ट में पेशी हुई। इस दौरान दोनों की ओर से नार्को टेस्ट के लिए सहमति दिए जाने की बात सामने आई। हालांकि, उर्मिला सनावर ने टेस्ट की प्रक्रिया को लेकर कुछ मांगें भी रखीं, जिसके बाद मामले की सुनवाई 26 अक्टूबर को दोबारा होने की जानकारी दी गई।

नार्को टेस्ट को लेकर उर्मिला सनावर ने क्या कहा?

कोर्ट में पेशी के बाद उर्मिला सनावर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें नार्को टेस्ट के संबंध में दोबारा विचार करने के लिए कहा गया है और इस मामले में आगे की सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। उन्होंने कहा कि वह अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई में सहयोग करना चाहती हैं और नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। हालांकि, उर्मिला ने सीबीआई की प्रक्रिया को लेकर भरोसे की कमी भी जताई। उन्होंने मांग की कि उनका नार्को टेस्ट मीडिया की मौजूदगी में कराया जाए। उनका कहना है कि वह इस मांग पर कायम हैं और यदि उनकी मांग स्वीकार नहीं की जाती है, तो वह इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने का प्रयास करेंगी।

गौरतलब है कि नार्को टेस्ट जैसी जांच प्रक्रिया को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित जांच एजेंसी और अदालत के नियमों के अनुसार ही होता है। टेस्ट के लिए सहमति और उसे कराए जाने की अनुमति अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।

मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात की इच्छा जताई

उर्मिला सनावर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करने की इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने दावा किया कि उनके पास कुछ ऐसी जानकारी है, जिसे वह मुख्यमंत्री के साथ साझा करना चाहती हैं। उर्मिला ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को अस्थिर करने की योजना बनाई जा रही है और इसमें सत्ताधारी दल से जुड़े कुछ लोग भी शामिल हैं। हालांकि, उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

वायरल ऑडियो को लेकर भी किए दावे

मामले के दौरान उर्मिला सनावर ने वायरल ऑडियो को लेकर भी कई दावे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ऑडियो के संबंध में झूठ बोलने के लिए उन्हें 50 करोड़ रुपये देने और देश छोड़ने तक का प्रस्ताव दिया गया था।

उन्होंने यह भी दावा किया कि वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच में उसके मूल होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी लगभग 48 मिनट की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सीबीआई तक नहीं पहुंची। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती। ऑडियो की प्रामाणिकता, उसकी जांच रिपोर्ट और जांच एजेंसी तक सामग्री पहुंचने से संबंधित तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना आवश्यक है।

जान को खतरा होने का आरोप

उर्मिला सनावर ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि उनकी जान को खतरा है और पुलिस की ओर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। इसके अलावा उन्होंने दुष्यंत गौतम और पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों को फिलहाल उर्मिला सनावर के दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। संबंधित व्यक्तियों का पक्ष और जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इनकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

26 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी नजरें

अंकिता भंडारी हत्याकांड में नार्को टेस्ट, वायरल ऑडियो और उर्मिला सनावर की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब 26 अक्टूबर को प्रस्तावित सुनवाई में क्या स्थिति सामने आती है, इस पर नजर रहेगी। इस पूरे मामले में न्यायिक प्रक्रिया, जांच एजेंसी के निष्कर्ष और आधिकारिक रूप से सत्यापित तथ्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग के बीच जांच से जुड़े हर पहलू पर पारदर्शिता और तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण बनी हुई है।

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