MBA फीस भरने के लिए छात्र ने बेची किडनी, पैसे भी नहीं मिले पूरे; अवैध रैकेट का खुलासा

Dehradun के एक नामी कॉलेज में MBA की पढ़ाई कर रहे छात्र ने फीस जमा करने के लिए अपनी किडनी बेचने जैसा खौफनाक कदम उठा लिया। छात्र का कहना है कि उसे पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन नहीं मिल पाया, जिसके कारण मजबूर होकर उसने यह फैसला लिया।
पीड़ित छात्र के अनुसार किडनी का सौदा पहले 9 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसे बाद में घटाकर 6 लाख रुपये कर दिया गया। लेकिन ऑपरेशन के बाद उसके खाते में केवल 3.5 लाख रुपये ही डाले गए। अब छात्र ने पुलिस से बकाया रकम दिलाने की मांग की है। छात्र की किडनी का ऑपरेशन Kanpur के एक अस्पताल में किया गया।
इस मामले की जांच में पुलिस ने अवैध किडनी कारोबार के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि छात्र करीब 5–6 महीने पहले टेलीग्राम पर एक किडनी डोनर ग्रुप से जुड़ा था। पहले उसने लोन लेने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने के बाद उसने किडनी बेचने का निर्णय लिया।
पुलिस ने इस मामले में प्रीति आहूजा समेत पांच डॉक्टरों और एक दलाल को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा दो डॉक्टर और चार अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट का नेटवर्क Lucknow और Noida तक फैला हुआ है। गंभीर मामलों में मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता था।
पुलिस के अनुसार छात्र का नाम साइबर अपराध से जुड़े मामलों में भी सामने आया है। उस पर म्यूल अकाउंट बनवाने और अपराधियों से संपर्क रखने के आरोप हैं। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।




