उत्तराखंड

Ankita Bhandari Case: पूर्व सैनिकों ने उठाए सवाल, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

देहरादून:- अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल पूरे होने पर शुक्रवार को देहरादून में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनसरोकारों से जुड़े संगठनों ने श्रद्धांजलि सभा और प्रदर्शन किया। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले गांधी पार्क में अंकिता को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद गांधी पार्क से घंटाघर तक मानव श्रृंखला बनाकर मामले में कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

चार साल बाद भी VIP एंगल पर सवाल

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मामले में तीन दोषियों को अदालत से सजा मिलने के बावजूद कथित VIP एंगल को लेकर सवाल बने हुए हैं। संगठनों ने मांग की कि इस पहलू की भी पारदर्शी तरीके से जांच हो और यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। हालांकि, जनवरी 2026 में उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया था कि उसकी जांच के अनुसार मामले में कोई VIP शामिल नहीं था। पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के बीच कहा था कि जिस व्यक्ति को कुछ संदर्भों में ‘VIP’ बताया जा रहा था, वह नोएडा निवासी धर्मेंद्र कुमार था और पुलिस के अनुसार वह VIP नहीं था।

पूर्व सैनिक संगठन ने उठाए कई सवाल

उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्धसैनिक संयुक्त संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश थपलियाल ने कहा कि चार साल बाद भी अंकिता का परिवार न्याय की मांग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता ने अपनी जान को खतरा होने और कथित VIP को विशेष सेवाएं देने के लिए दबाव बनाए जाने की बात कही थी। थपलियाल ने मांग की कि इन आरोपों और कथित VIP से जुड़े पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वक्ताओं ने अंकिता के अंतिम संस्कार से जुड़े घटनाक्रम पर भी सवाल उठाए और इसकी परिस्थितियों की पारदर्शी जांच की मांग की।

CBI जांच को लेकर भी उठे सवाल

प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने CBI जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जांच को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि अंकिता के परिवार को उनके सभी सवालों के जवाब मिल सकें। दरअसल, अंकिता के माता-पिता की मांग के बाद जनवरी 2026 में उत्तराखंड सरकार ने मामले की CBI जांच की सिफारिश की थी। अंकिता के माता-पिता ने कथित VIP एंगल की जांच और जांच की निगरानी की मांग भी उठाई थी।

महिला मंच ने भी उठाए सवाल

उत्तराखंड महिला मंच से जुड़ी निर्मला बिष्ट ने भी मामले से जुड़े कई सवालों के स्पष्ट जवाब सामने नहीं आने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े जिन पहलुओं को लेकर लंबे समय से सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका तथ्यात्मक और पारदर्शी तरीके से जवाब सामने आना चाहिए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

पूर्व सैनिकों और सामाजिक संगठनों से जुड़े वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड जैसे सैनिक बहुल राज्य में बेटियों की सुरक्षा और न्याय का मुद्दा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा। अंकिता भंडारी की चौथी बरसी पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संगठनों ने एक बार फिर न्याय, निष्पक्ष जांच और कथित VIP एंगल को स्पष्ट करने की मांग दोहराई।

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