उत्तराखंड

Swine Flu Alert: देहरादून में सबसे ज्यादा मरीज, संपर्क में आए लोगों की हो रही स्क्रीनिंग

देहरादून:- उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 31 नए मरीज सामने आए हैं, जिसके बाद स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 484 हो गई है। इनमें से 84 मरीज अभी सक्रिय हैं और अलग-अलग अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।

31 नए मामलों में 23 देहरादून से

स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और उपचार व्यवस्था तेज कर दी है। एक दिन में मिले 31 नए मामलों में 23 मरीज देहरादून जिले के हैं। कुल 484 मामलों में भी सबसे अधिक मरीज देहरादून से बताए जा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए देहरादून के सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। साथ ही अलग-अलग जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय किया गया है, ताकि नए मामलों की पहचान और संक्रमण की रोकथाम के लिए तत्काल कार्रवाई की जा सके।

मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री और संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग

देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में स्वाइन फ्लू की संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। जिन स्थानों से नए मरीज सामने आ रहे हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंचकर मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी जुटा रही हैं। इसके साथ ही संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों की भी स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि संक्रमण के संभावित मामलों का समय रहते पता लगाया जा सके।

कोरोना और डेंगू के मामले भी बढ़ा रहे चिंता

स्वास्थ्य विभाग के सामने स्वाइन फ्लू के साथ-साथ कोरोना और डेंगू के मामलों की निगरानी की चुनौती भी बनी हुई है। देहरादून में रविवार को कोरोना और डेंगू के दो-दो नए मरीज सामने आए। इसके बाद प्रदेश में कोरोना मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 51 हो गई है। इनमें 4 मरीज अभी सक्रिय हैं। वहीं, डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 162 पहुंच गई है, जिनमें से 22 सक्रिय मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है।

अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश

स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसके साथ ही कोरोना और डेंगू के मामलों की भी नियमित निगरानी की जा रही है।

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