चंदन सिंह जीना पर ED की कार्रवाई से आहत हरीश रावत, खड़गे के सामने रखेंगे इस्तीफे की बात

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत अपने सहयोगी पीए चंदन सिंह जीना पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद आहत बताए जा रहे हैं। रावत ने कांग्रेस में अपने दो दायित्वों से इस्तीफा देने की इच्छा जताई है। इस संबंध में वह जल्द ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर अपनी बात रखने वाले हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करेंगे हरीश रावत
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में हरीश रावत ने कहा कि वह अपनी इस्तीफे की पेशकश को लेकर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने जाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करेंगे। रावत के मुताबिक, सोमवार या मंगलवार को जब भी उन्हें पार्टी अध्यक्ष से मिलने का समय मिलेगा, वह मुलाकात कर अपनी इच्छा उनके सामने रखेंगे। इसके अलावा वह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को भी पत्र भेजेंगे।
गणेश गोदियाल को पत्र भेजने की बात
हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए दूरी अधिक है, इसलिए वह उन्हें पत्र भेजेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह पेशकश किसी को नाराज या परेशान करने के उद्देश्य से नहीं है। रावत ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में एक महत्वपूर्ण मुद्दे को मजबूती से उठा रही है और वह नहीं चाहते कि उनकी वजह से इस लड़ाई में किसी तरह का व्यवधान पैदा हो। इसी वजह से उन्होंने पार्टी के दो पदों से खुद को मुक्त करने की इच्छा जताई है।
बोले- कर्म में जो लिखा होगा, उसका सामना करेंगे
पूरे घटनाक्रम पर भावुक नजर आए हरीश रावत ने कहा कि अगर ऐसा पता चला है कि वह इस मामले में आड़े आ रहे हैं या उनका कोई कृत्य बाधा बन रहा है, तो वह इस स्थिति का सामना करेंगे। अपने सहयोगी के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की याद 10 साल बाद जिसे भी आई है, वह इस बारे में जाने। रावत ने कहा कि वह जिंदगी में आगे की ओर देखेंगे और “जो कर्म में लिखा होगा, उसका सामना करेंगे।”
आखिर क्यों इस्तीफा देना चाहते हैं हरीश रावत?
दरअसल, 10 और 11 सितंबर 2026 को प्रवर्तन निदेशालय ने चंदन सिंह जीना से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई वर्ष 2016 के UKSSSC ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती मामले में सामने आई कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ी बताई गई है। ED की कार्रवाई के दौरान 32 लाख रुपये नकद, करीब 200 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद होने की बात सामने आई। बरामद घड़ियों में Rolex और Rado जैसी ब्रांडेड घड़ियां शामिल बताई गई हैं। इसके अलावा परिवार के सदस्यों से जुड़े 52.16 लाख रुपये के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने की जानकारी भी सामने आई। चंदन सिंह जीना को हरीश रावत का वर्तमान पीए और पूर्व ओएसडी बताया गया है।
ED की कार्रवाई सामने आने के बाद रावत ने की इस्तीफे की पेशकश
ED ने 11 सितंबर को अपनी कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की थी। इसके बाद उसी रात हरीश रावत ने कांग्रेस में अपने दायित्व वाले दो पदों से इस्तीफे की पेशकश कर दी। रावत ने कहा कि वह नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य और प्रदेश कांग्रेस के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से इस्तीफा देना चाहते हैं।
BJP ने बताया सियासी ड्रामा और सहानुभूति कार्ड
इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा ने हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश को सियासी ड्रामा और सहानुभूति कार्ड करार दिया है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने ED की कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया और हरीश रावत के समर्थन में एकजुटता जाहिर की है।
कौन हैं चंदन सिंह जीना?
चंदन सिंह जीना लंबे समय से हरीश रावत के साथ जुड़े हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका रावत के साथ जुड़ाव उस दौर से बताया जाता है जब हरीश रावत ने 1980 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था। इसके बाद से जीना उनके निजी सहायक के तौर पर जुड़े रहे। हरीश रावत के उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनने के बाद चंदन सिंह जीना करीब तीन साल तक उनके OSD (Officer on Special Duty) के तौर पर भी तैनात रहे। अब ED की छापेमारी में नकदी, सोना और महंगी घड़ियां बरामद होने के बाद इन संपत्तियों के स्रोत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन बरामदियों से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।




