पंजाब

गुलजार सिंह केस: परिवार से मिलने पहुंचे भाजपा नेता, ग्रामीणों के विरोध से गरमाया माहौल

संगरूर के तूरबंजारा गांव में दिवंगत गुलजार सिंह की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया। गुरुवार को गुलजार सिंह के परिवार से मिलने पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपा नेताओं के गांव पहुंचने के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़, विधायक एवं पूर्व कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी शर्मा और पूर्व मंत्री मनप्रीत सिंह बादल समेत कई नेता मौजूद थे। भाजपा नेताओं का कहना था कि वे गुलजार सिंह के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देने पहुंचे थे। हालांकि, गांव में पहुंचने से पहले ही उनके विरोध में लोग सड़क पर जुट गए।

ढिल्लों ने AAP कार्यकर्ताओं पर लगाया हमला करने का आरोप

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने मुख्य सड़क पर उनकी गाड़ी को रोक लिया और विरोध के दौरान हमला किया। ढिल्लों ने कहा कि यह हमला केवल भाजपा नेताओं पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के शासन में गुंडागर्दी बढ़ गई है और प्रदेश में कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन भी घटनास्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर मौजूद था। ढिल्लों के मुताबिक, पुलिस के सामने ही उनकी गाड़ी को रोका गया, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरा।

AAP ने भाजपा के आरोपों को किया खारिज

वहीं, आम आदमी पार्टी ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के आरोपों को खारिज किया है। आप नेताओं का कहना है कि भाजपा नेताओं का विरोध पार्टी कार्यकर्ताओं ने नहीं, बल्कि गांव के ग्रामीणों ने किया। आप के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि तूरबंजारा गांव में ग्रामीणों ने केवल सिंह ढिल्लों का घेराव किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। सिसोदिया ने कहा कि ग्रामीणों ने भाजपा की राजनीतिक कोशिश को स्वीकार नहीं किया। उनके मुताबिक, गांव के लोगों ने भाजपा नेताओं के दौरे को लेकर अपना विरोध जाहिर किया।

बलतेज पन्नू ने भी साधा निशाना

आप नेता बलतेज पन्नू ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे दुखी परिवार की पीड़ा का सम्मान किए बिना मामले को राजनीतिक रंग देने के लिए गांव पहुंचे।

पन्नू ने कहा कि पंजाब के लोग किसी परिवार की मौत और उसके दुख को राजनीतिक तमाशे में बदलने की राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे।

उन्होंने भाजपा पर गुलजार सिंह के मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि मामले में वास्तविक तथ्यों और जांच को सामने आने देना चाहिए।

NCSC की टीम ने परिवार से की मुलाकात

इसी बीच राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग यानी NCSC की टीम भी तूरबंजारा गांव पहुंची। टीम ने दिवंगत गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। आयोग की टीम ने सरकार और जिला प्रशासन की ओर से अब तक की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी हासिल की। इसके साथ ही परिवार को मिल रही सरकारी सहायता और अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया गया।

परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा

डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर के अनुसार, गुलजार सिंह के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा जारी किया जा चुका है। प्रशासन की ओर से परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भरोसा भी दिया गया है। डीसी ने बताया कि परिवार ने अब तक हुई कार्रवाई और सरकार की ओर से दी जा रही सहायता पर संतोष जताया है।

चार आरोपी गिरफ्तार, SIT कर रही जांच

एसएसपी के मुताबिक, गुलजार सिंह मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच एडीजीपी स्तर के अधिकारी की अगुवाई वाली विशेष जांच टीम यानी SIT कर रही है। पुलिस की ओर से मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में सामने आए आरोपों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कांग्रेस ने भी सरकार पर उठाए सवाल

गुलजार सिंह की मौत को लेकर कांग्रेस ने भी पंजाब सरकार को घेरा है। कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मामले में सरकार से जवाब मांगते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। रंधावा ने दावा किया कि गुलजार सिंह ने अपनी मौत से पहले गांव के सरपंच और एक मंत्री को इसके लिए जिम्मेदार बताया था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

सरपंच और मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कथित आरोपों के आधार पर संबंधित सरपंच और मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने गिरफ्तारी के साथ मंत्री को पद से हटाने की भी मांग उठाई। कांग्रेस की ओर से इस मामले को लेकर राज्यपाल से शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई है। पार्टी का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

गुलजार सिंह मामले पर बढ़ा सियासी घमासान

गुलजार सिंह की मौत के बाद से ही यह मामला पंजाब की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की ओर से मामले को लेकर अलग-अलग दावे और आरोप सामने आ रहे हैं। तूरबंजारा गांव में भाजपा नेताओं के विरोध के बाद सियासी विवाद और तेज हो गया है। भाजपा इसे आप कार्यकर्ताओं की कथित हरकत बता रही है, जबकि आप का कहना है कि विरोध ग्रामीणों की ओर से किया गया।

जांच पर टिकी सभी की नजरें

फिलहाल गुलजार सिंह मामले की जांच SIT कर रही है और पुलिस के अनुसार चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भी परिवार से मुलाकात कर मामले में सरकार और प्रशासन की कार्रवाई का जायजा ले चुका है। अब जांच के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं। साथ ही यह भी देखना अहम होगा कि तूरबंजारा गांव में हुए विरोध और भाजपा नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।

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