पंजाब

बिजली कटौती के विरोध में सड़क पर उतरे किसान, राहगीरों को हुई परेशानी

चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर किसानों का धरना लगातार जारी है। आंदोलनकारी किसान सुविधाओं की कमी और मौसम की चुनौतियों के बावजूद पूरी मजबूती के साथ धरना स्थल पर डटे हुए हैं। मंगलवार की रात बड़ी संख्या में किसानों ने खुले आसमान के नीचे जमीन पर बिस्तर लगाकर रात गुजारी। रातभर धरना स्थल पर किसानों की मौजूदगी बनी रही। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार और प्रशासन के सामने रख रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में उन्होंने संघर्ष को जारी रखने का फैसला किया है। किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं सुना जाता और उन पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। आंदोलनकारी किसानों के अनुसार, वे फिलहाल 7 सितंबर तक धरना जारी रखेंगे। मंगलवार रात धरना स्थल की बिजली आपूर्ति बंद किए जाने के बाद किसानों में नाराजगी फैल गई। किसानों ने प्रशासन के इस कदम का विरोध करते हुए फेज-11 में सड़क जाम कर दिया। अचानक लगाए गए जाम के कारण करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

सड़क जाम होने से वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आसपास के मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया और कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। इससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। मोगा से पहुंचे किसानों समिंदर सिंह, त्रिलोचन सिंह और इंदरजीत सिंह ने बिजली बंद किए जाने को अनुचित बताया। किसानों का कहना था कि पहले से ही धरना स्थल पर सुविधाओं की कमी है और ऐसे में बिजली आपूर्ति बंद करना आंदोलनकारियों के लिए अतिरिक्त परेशानी पैदा करने जैसा है। करीब एक घंटे बाद प्रशासन की ओर से बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। बिजली आने के लगभग दस मिनट बाद किसानों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद फेज-11 और आसपास के इलाकों में यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। धरना स्थल पर पहुंचे किसानों गुरतेज सिंह और जसविंदर सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घर और परिवार से दूर रहकर संघर्ष करना आसान नहीं है, लेकिन अपनी मांगों और अधिकारों के लिए वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। रात के समय कई किसान जमीन पर बिस्तर लगाकर सोते दिखाई दिए। खुले आसमान के नीचे रात गुजारने के बावजूद किसानों के हौसले में कोई कमी नजर नहीं आई। किसानों का कहना है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं हो जाता। किसानों ने प्रशासन से धरना स्थल पर बिजली समेत अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालना चाहिए। किसानों के मुताबिक, मांगों पर सकारात्मक फैसला होने तक उनका धरना और संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

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