पंजाब

रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के साथ अनिल विज की बैठक, कई मांगों पर कार्रवाई के निर्देश

हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। चंडीगढ़ में आयोजित इस बैठक में कर्मचारी यूनियनों की ओर से कई मांगें और समस्याएं रखी गईं। अनिल विज ने संबंधित अधिकारियों को इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परिवहन मंत्री ने कहा कि बैठक में लिए गए फैसलों और उन पर हुई कार्रवाई की एक महीने बाद समीक्षा की जाएगी। इससे कर्मचारियों को अपनी मांगों के समाधान को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। बैठक में रोडवेज कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। खासकर ड्यूटी के दौरान चालक और परिचालकों के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा झगड़े और मारपीट की घटनाओं पर चर्चा की गई। इन घटनाओं को देखते हुए सरकार ने प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का फैसला लिया है। यह अधिकारी चालक और परिचालकों की शिकायतों पर संबंधित प्रशासन के साथ समन्वय करेगा।

निर्णय के मुताबिक, यदि ड्यूटी के दौरान किसी चालक या परिचालक के साथ मारपीट या झगड़े की घटना होती है तो कर्मचारी इसकी सूचना अपने जिले के संबंधित नोडल अधिकारी को दे सकेंगे। इसके बाद नोडल अधिकारी मामले को संबंधित प्रशासन के सामने उठाएगा और जरूरी कार्रवाई के लिए समन्वय स्थापित करेगा। सरकार का उद्देश्य ऐसी घटनाओं में कर्मचारियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। अनिल विज की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अतुल कुमार, राज्य परिवहन के निदेशक धीरेन्द्र खटगड़ा और वित्त विभाग के अतिरिक्त सचिव हितेश मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कर्मचारी संगठनों की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को कर्मचारियों की जायज मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार बातचीत के जरिए आगे बढ़ रही है। बैठक में लिए गए निर्णयों की समयबद्ध तरीके से समीक्षा की जाएगी। रोडवेज कर्मचारियों के लिए सबसे अहम फैसलों में से एक चालक-परिचालकों की सुरक्षा से जुड़ा है। हर जिले में नोडल अधिकारी की नियुक्ति के बाद कर्मचारियों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए एक निश्चित संपर्क अधिकारी मिल सकेगा। अब एक महीने बाद होने वाली समीक्षा बैठक में यह देखा जाएगा कि कर्मचारियों की मांगों पर कितनी कार्रवाई हुई और सुरक्षा से जुड़े नए इंतजाम कितने प्रभावी साबित हुए।

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