उत्तराखंड

सोशल मीडिया पर छाया ऋषिकेश का यह वीडियो, विदेशी मेहमान के आचरण की हो रही है चारों ओर तारीफ।

देवभूमि उत्तराखंड की योग नगरी ऋषिकेश से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को जीवंत करती है। शाम की लहरों के बीच जब मां गंगा की आरती शुरू हुई, तो वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की नजरें एक विदेशी पर्यटक पर टिक गईं। वह पर्यटक न केवल आरती देख रहा था, बल्कि पूरी श्रद्धा के साथ भारतीय पारंपरिक वेशभूषा और रीति-रिवाजों का पालन करते हुए अनुष्ठान का हिस्सा बना। इस खूबसूरत पल का वीडियो अब सोशल मीडिया पर ‘आध्यात्मिक शांति’ की मिसाल बन गया है।

संस्कृति का सम्मान: हाथ जोड़े और किया दीपदान

अक्सर देखा जाता है कि विदेशी पर्यटक केवल कैमरे से दृश्यों को कैद करते हैं, लेकिन वायरल वीडियो में यह पर्यटक भारतीय संस्कृति में डूबा नजर आया।

  • परंपरा का पालन: पर्यटक ने न केवल हाथ जोड़कर प्रार्थना की, बल्कि स्थानीय पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच पूरी तल्लीनता से दीपदान भी किया।

  • सांस्कृतिक सौहार्द: आरती की लय पर झूमते और शांतिपूर्वक प्रार्थना करते इस विदेशी नागरिक ने यह संदेश दिया कि भक्ति की कोई सीमा या भाषा नहीं होती।

सोशल मीडिया पर ‘सॉफ्ट पावर’ की गूंज

वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर सकारात्मकता की लहर दौड़ गई। हजारों की संख्या में लोग इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं:

  • एक यूजर ने टिप्पणी की, “यही हमारी सनातन संस्कृति की विशेषता है, जो सात समंदर पार के लोगों को भी अपना बना लेती है।”

  • एक अन्य यूजर ने लिखा, “अतिथि देवो भव और भारतीय अध्यात्म का यह मिलन वाकई दिल जीतने वाला है।”

विश्व पर्यटन मानचित्र पर ऋषिकेश का बढ़ता गौरव

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पल उत्तराखंड पर्यटन के लिए किसी बड़े ब्रांडिंग कैंपेन से कम नहीं हैं। ऋषिकेश की पहचान अब केवल एडवेंचर स्पोर्ट्स (जैसे राफ्टिंग) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर के लोगों के लिए ‘सोलफुल टूरिज्म’ (Soulful Tourism) का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। यह वीडियो भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक विविधता के प्रति वैश्विक सम्मान का प्रतीक बन गया है।

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