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वर्दी पर हमला बर्दाश्त नहीं: हरिद्वार पुलिस ने 11 हमलावरों के खिलाफ कसी कमर।

धर्मनगरी हरिद्वार के ज्वालापुर में उस वक्त सनसनी फैल गई जब मुजफ्फरनगर से आई पुलिस टीम पर वांछित अपराधियों ने फिल्मी स्टाइल में जानलेवा हमला कर दिया। धोखाधड़ी के आरोपी को बचाने के लिए उसके बेटे और साथियों ने पुलिस की गाड़ी को अपनी भारी गाड़ियों (थार और स्कॉर्पियो) से बार-बार टक्कर मारी। इस हिंसक झड़प में एक दरोगा समेत चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

दबिश के दौरान बवाल और फिल्मी पीछा

मुजफ्फरनगर के छपार थाने की पुलिस टीम वांछित आरोपी संजय (पुत्र राजपाल) को पकड़ने के लिए ज्वालापुर के सुभाष नगर पहुंची थी। टीम में दरोगा अनुराग सिंह, सिपाही मोहित, अनिल और महिला सिपाही प्राची शामिल थे। जब पुलिस आरोपी संजय को हिरासत में लेकर मुजफ्फरनगर रवाना होने लगी, तभी उसके बेटे ईशांत ने अपने साथियों के साथ पुलिस का पीछा शुरू कर दिया।

थार और स्कॉर्पियो से जानलेवा वार

भूमानंद अस्पताल के पास पहुँचते ही आरोपियों ने आपा खो दिया। पुलिस की गाड़ी को रोकने और आरोपी को छुड़ाने की नीयत से अपराधियों ने अपनी थार और स्कॉर्पियो से पुलिस वाहन को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी में सवार दरोगा अनुराग, सिपाही अनिल और महिला सिपाही प्राची को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और तीन हमलावरों को दबोच लिया।

11 पर मुकदमा, 3 गिरफ्तार

ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस ने कुल 11 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Section 307 IPC/BNS), सरकारी कार्य में बाधा और दंगा भड़काने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

  • गिरफ्तार आरोपी: ईशांत (आरोपी का बेटा), शिवम मलिक और अमन।

  • फरार आरोपी: कुणाल त्यागी, अनिरुद्ध और अन्य अज्ञात की तलाश जारी है।

“किसी को बख्शा नहीं जाएगा”

ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने सख्त लहजे में कहा कि पुलिस पर हमला सीधे तौर पर राज्य की कानून व्यवस्था को चुनौती है। फरार आरोपियों के घरों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।

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