
पंजाब में नशे के बढ़ते प्रभाव के बीच लुधियाना जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। गांव बुर्ज लिट्टां में 25 वर्षीय हरप्रीत कौर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने उसके पति पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। सबसे दर्दनाक बात यह है कि हरप्रीत कौर करीब तीन महीने की गर्भवती थी। उसकी मौत के साथ ही उसके गर्भ में पल रहे अजन्मे बच्चे की भी जान चली गई। पुलिस ने मृतका के मायके वालों की शिकायत के आधार पर उसके पति जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा और दादा जोगिंदर सिंह को हिरासत में लिया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। थाना सुधार के प्रभारी कुलविंदर सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए लुधियाना सिविल अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। मृतका के परिजनों के मुताबिक, हरप्रीत कौर अपने घर में लगातार हो रहे झगड़ों से परेशान थी। परिवार का दावा है कि वह कुछ समय पहले परेशान होकर अपने मायके चली गई थी। परिजनों के अनुसार, रविवार को जसप्रीत उसे समझाकर वापस अपने घर बुर्ज लिट्टां ले आया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान जसप्रीत ने नशा छोड़ने और आगे किसी तरह का विवाद न करने का भरोसा दिया था। परिवार का आरोप है कि सोमवार रात जसप्रीत नशे की हालत में घर पहुंचा। इसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ और कथित तौर पर उसने हरप्रीत के साथ मारपीट की। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मारपीट के बाद हरप्रीत का गला भी घोंटा गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। मृतका के परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि हरप्रीत के शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। उनका दावा है कि आरोपी पक्ष घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रहा था।
परिजनों ने पुलिस के सामने यह सवाल भी उठाया कि यदि हरप्रीत ने आत्महत्या की थी तो उसके शव को छत से नीचे किसने उतारा। इन आरोपों के आधार पर पुलिस घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। परिवार और ग्रामीणों ने जसप्रीत पर नशे की लत और गलत संगत में रहने के आरोप लगाए हैं। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले घर में क्या हुआ था। इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील पहलू हरप्रीत का गर्भवती होना है। एक महिला की मौत के साथ उसके अजन्मे बच्चे की भी जान चली गई, जिससे परिवार में गहरा दुख है। यह घटना एक बार फिर पंजाब में नशे से जुड़े सामाजिक और पारिवारिक संकट पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीण इलाकों में नशे की लत के कारण घरेलू विवाद और हिंसा की घटनाओं को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है। इसी बीच संगरूर के दिड़बा क्षेत्र में नशे के मुद्दे को लेकर सामने आई एक अन्य दर्दनाक घटना का भी जिक्र किया जा रहा है, जहां गुलजार सिंह नामक बुजुर्ग ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था और उनकी मौत हो गई थी। हालांकि दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन इन घटनाओं ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों और परिवारों की ओर से नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठती रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस पूछताछ और अन्य जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि हरप्रीत कौर की मौत किन परिस्थितियों में हुई। परिवार ने मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।



