हरियाणा

जनप्रतिनिधियों से समन्वय से लेकर बड़े प्रोजेक्ट्स की निगरानी तक, IAS को मिली अहम जिम्मेदारी

हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ IAS अधिकारी के. मकरंद पांडुरंग को चरखी दादरी जिले का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें यह जिम्मेदारी उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों के अतिरिक्त सौंपी गई है। के. मकरंद पांडुरंग वर्तमान में सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग तथा खान एवं भूविज्ञान विभाग के कमिश्नर और सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वह पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। 

नए आदेश के तहत अब के. मकरंद पांडुरंग चरखी दादरी जिले के प्रशासनिक कामकाज और विकास कार्यों की निगरानी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार की ओर से संशोधित फीडबैक सिस्टम के तहत प्रभारी अधिकारियों को जिलों में चल रहे महत्वपूर्ण कार्यों की नियमित समीक्षा करनी होगी। इसी व्यवस्था के तहत के. मकरंद पांडुरंग हर तिमाही मॉनिटरिंग एवं कोऑर्डिनेशन सेल को अपनी रिपोर्ट और फीडबैक देंगे। इस समीक्षा में 25 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं को प्रमुखता से शामिल किया गया है। अधिकारी इन परियोजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन और उनसे जुड़े मुद्दों की जानकारी लेकर सरकार को फीडबैक देंगे।

प्रभारी अधिकारी जिले में अपराध की स्थिति और गंभीर अपराधों की घटनाओं की भी समीक्षा करेंगे। 

इसके अलावा विजिलेंस से जुड़े मामलों और प्रशासनिक स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों पर भी नजर रखी जाएगी। सरकार ने राइट टू सर्विस एक्ट के तहत नागरिकों को मिल रही सेवाओं की प्रभावशीलता को भी समीक्षा के दायरे में रखा है। इसका उद्देश्य यह देखना है कि सरकारी सेवाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंच रही हैं या नहीं। स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कामकाज की भी नियमित समीक्षा की जाएगी। इन विभागों की प्रमुख योजनाओं, सुविधाओं और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन को लेकर प्रभारी अधिकारी फीडबैक दे सकते हैं। के. मकरंद पांडुरंग जिले में टैक्स और GST से जुड़े मामलों की भी समीक्षा करेंगे। खास तौर पर जिला आबकारी एवं कराधान अधिकारी यानी DETC के सामने आने वाली समस्याओं और कामकाज से जुड़ी चुनौतियों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

जिले के प्रशासनिक कामकाज के साथ जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय को भी इस व्यवस्था में महत्व दिया गया है। प्रभारी अधिकारी डिप्टी कमिश्नर और सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस की मौजूदगी में विधायकों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर सकते हैं। इस दौरान जनप्रतिनिधियों की ओर से क्षेत्र की विकास संबंधी समस्याओं, प्रशासनिक दिक्कतों और जनता से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली जा सकती है। इससे सरकार तक जमीनी स्तर की समस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति पहुंचाने में मदद मिलेगी। प्रभारी अधिकारी जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य या शिक्षा विभाग से जुड़ी किसी महत्वपूर्ण सुविधा का दौरा भी कर सकते हैं। इस तरह सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का मौके पर जाकर जायजा लेने की व्यवस्था भी की गई है।

नई जिम्मेदारी के तहत के. मकरंद पांडुरंग को चरखी दादरी में विकास परियोजनाओं से लेकर कानून-व्यवस्था, सरकारी सेवाओं और सामाजिक क्षेत्रों तक की स्थिति पर नजर रखनी होगी। 

हर तिमाही उनके फीडबैक के आधार पर जिले के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। हरियाणा सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य जिलों में चल रहे बड़े विकास कार्यों की निगरानी मजबूत करना और प्रशासनिक कामकाज में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है। साथ ही सरकार को जिलों की वास्तविक स्थिति की नियमित जानकारी उपलब्ध कराना भी इसका अहम हिस्सा है।

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