उत्तराखंड

कुंभ मेला 2027: ऐतिहासिक होगा महाकुंभ! केंद्र के बजट से पुल, सड़कें और पार्किंग का होगा कायाकल्प।

आगामी कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड सरकार को केंद्र से बड़ी आर्थिक संजीवनी मिली है। केंद्र सरकार ने कुंभ क्षेत्र में अवस्थापना (Infrastructure) विकास कार्यों के लिए ₹500 करोड़ का प्रारंभिक बजट जारी कर दिया है। इस बजट के साथ ही हरिद्वार और ऋषिकेश के कायाकल्प की योजनाएं अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार हैं।

किन क्षेत्रों में खर्च होगा ₹500 करोड़ का बजट?

इस बजट का मुख्य उद्देश्य कुंभ क्षेत्र में स्थायी और अस्थायी सुविधाओं का जाल बिछाना है। शासन की योजना के अनुसार निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

  1. घाटों का विस्तार और सौंदर्यीकरण: प्रमुख गंगा घाटों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

  2. स्मार्ट यातायात प्रबंधन: भीड़ नियंत्रण के लिए डिजिटल सर्विलांस, नए पुलों का निर्माण और विशाल पार्किंग स्थलों का विकास।

  3. स्वच्छता और स्वास्थ्य: आधुनिक शौचालयों का निर्माण, कूड़ा निस्तारण प्रणाली और मेला क्षेत्र में हाई-टेक पोर्टेबल अस्पतालों की स्थापना।

  4. पेयजल आपूर्ति: श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने हेतु पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार।

सीएम धामी का संकल्प: “दिव्य और भव्य होगा महाकुंभ”

बजट जारी होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह बजट उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में सहायक होगा। सीएम ने स्पष्ट किया कि:

  • कुंभ मेला 2027 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का ‘महापर्व’ है।

  • सरकार का लक्ष्य इसे ‘जीरो वेस्ट’ (Zero Waste) और ‘सुरक्षित कुंभ’ के मॉडल के रूप में विकसित करना है।

स्थायी ढांचागत विकास पर जोर

सरकार का मानना है कि इस बजट से होने वाले निर्माण कार्य केवल कुंभ तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ये हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए स्थायी संपत्ति (Permanent Assets) साबित होंगे, जिससे भविष्य में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा।

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