उत्तराखंड

क्या वाकई दिल्ली की वजह से अटका है विस्तार? कांग्रेस ने घेरा तो भाजपा के भीतर मची हलचल।

उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी अब विपक्षी दल कांग्रेस के लिए सरकार को घेरने का सबसे बड़ा हथियार बन गई है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत ने धामी सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए इसे प्रदेश के इतिहास की सबसे असफल कैबिनेट करार दिया है।

“आरोग्य कैबिनेट और अयोग्य मंत्री”— हरक सिंह रावत का तीखा वार

हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक मंत्रिमंडल का विस्तार न होना सरकार का सबसे बड़ा ‘फेलियर’ है। उनके बयानों के मुख्य अंश:

  • विभागों का बोझ: उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के 40 से अधिक महत्वपूर्ण विभाग अकेले मुख्यमंत्री के पास हैं। यदि इन्हें अन्य मंत्रियों में बांटा गया होता, तो विकास कार्यों में तेजी आती।

  • योग्यता पर सवाल: हरक सिंह ने वर्तमान कैबिनेट को “आरोग्य” (अक्षम) बताते हुए कहा कि योग्य विधायकों को दरकिनार कर अयोग्य व्यक्तियों को कुर्सियां दी गई हैं।

  • बीजेपी में खींचतान: उन्होंने तंज कसा कि भाजपा के भीतर अंदरूनी कलह इतनी बढ़ गई है कि वे यह तय ही नहीं कर पा रहे कि किसे मंत्री बनाएं और किसे नहीं।

 “सरकार विस्तार करने की स्थिति में ही नहीं”— प्रीतम सिंह

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह ने भी बहती गंगा में हाथ धोते हुए सरकार की घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर की फूट अब सड़कों पर आ गई है। हालात यह हैं कि अब खुद भाजपा के सांसद और विधायक ही अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, जिससे शासन और संगठन के बीच का तालमेल पूरी तरह खत्म हो चुका है।

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