पंजाब चुनाव से पहले BJP का बड़ा अभियान, 18 से 21 सितंबर तक निकलेंगी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राएं’

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने नशे के मुद्दे को लेकर भगवंत मान सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान तेज करने की तैयारी कर ली है। पार्टी की ओर से 18 से 21 सितंबर तक प्रदेश के चार अलग-अलग हिस्सों से ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राएं’ निकाली जाएंगी। भाजपा के मुताबिक, इन चारों यात्राओं का उद्देश्य पंजाब में नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ इसे एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में सामने लाना है। यात्राएं प्रदेश की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेंगी और आखिर में जालंधर में पहुंचकर संपन्न होंगी। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान इन यात्राओं की घोषणा की। उन्होंने अभियान का नारा ‘भाजपा दा नारा, नशा मुकाना सारा’ दिया। ढिल्लों ने कहा कि नशे की समस्या ने पंजाब के युवाओं, परिवारों और पूरे सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित किया है। उनके मुताबिक, भाजपा की लड़ाई केवल नशा छुड़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब की संस्कृति, मूल्यों, पहचान और ‘पंजाबियत’ को बचाने की भी लड़ाई है।
भाजपा का कहना है कि यात्राओं के दौरान नशे के अलावा प्रदेश में कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। पार्टी सरकार के कामकाज को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है। 18 सितंबर को पहली ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पठानकोट जिले के माधोपुर स्थित एकता स्थल से शुरू होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इसे हरी झंडी दिखाएंगे। पहली यात्रा माझा और सीमावर्ती क्षेत्रों से होकर जालंधर पहुंचेगी। इसके रूट में सुजानपुर, पठानकोट, भोआ, दीनानगर, गुरदासपुर, बटाला और डेरा बाबा नानक जैसे विधानसभा क्षेत्र शामिल होंगे। इसके बाद यात्रा अमृतसर और तरनतारन से होते हुए फिरोजपुर, जीरा, सुल्तानपुर लोधी, नकोदर, शाहकोट और जालंधर कैंट समेत कई विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी।
19 सितंबर को दूसरी यात्रा गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से शुरू की जाएगी। यह यात्रा मालवा और दोआबा के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से होते हुए जालंधर पहुंचेगी। इस यात्रा के रूट में फतेहगढ़ साहिब, डेरा बस्सी, मोहाली, खरड़, रोपड़, आनंदपुर साहिब, होशियारपुर, नवांशहर, बंगा और फगवाड़ा समेत कई क्षेत्र शामिल रहेंगे। 20 सितंबर को तीसरी यात्रा फाजिल्का के सादिकी बॉर्डर स्थित आसफवाला 1971 युद्ध स्मारक से शुरू होगी। यह यात्रा पंजाब के दक्षिण-पश्चिमी और मालवा क्षेत्र के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। इस दौरान फाजिल्का, अबोहर, श्री मुक्तसर साहिब, फरीदकोट, मोगा, जगरांव, मलेरकोटला, साहनेवाल और लुधियाना समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में यात्रा पहुंचेगी। वहीं 21 सितंबर को चौथी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ तलवंडी साबो स्थित गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब से शुरू होगी। यह यात्रा बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, सुनाम, पटियाला और राजपुरा समेत कई क्षेत्रों से होकर जालंधर पहुंचेगी।
भाजपा के अनुसार, चारों यात्राओं को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रदेश की सभी 117 विधानसभा सीटों को अभियान से जोड़ा जा सके। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों को भी अभियान में शामिल करने की तैयारी है। केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के साथ-साथ भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की समस्या भी गंभीर मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील और थाने से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक भ्रष्टाचार के मुद्दे को यात्रा के दौरान उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नशे की समस्या के कारण अपराध और गैंग गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। भाजपा इन मुद्दों को लेकर प्रदेश सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यात्रा के जरिए युवाओं और परिवारों को नशे के खिलाफ एकजुट किया जाएगा। साथ ही पार्टी सरकार से नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर जवाब मांगने की कोशिश करेगी।
प्रेसवार्ता में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, पूर्व कार्यकारी प्रधान एवं विधायक अश्विनी शर्मा, प्रदेश महासचिव और यात्रा प्रभारी राजेश बाघा तथा प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी भी मौजूद रहे। चार दिनों तक चलने वाले इस अभियान के जरिए भाजपा पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश करेगी। विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा पार्टी की चुनावी रणनीति में कितना महत्वपूर्ण स्थान हासिल करता है, इन यात्राओं के बाद इसकी तस्वीर और साफ हो सकती है।




