हरयाणा

हरियाणा के 14 जिलों में पुराने डीजल वाहनों की पहचान, स्क्रैपिंग नीति के तहत होगा एक्शन

हरियाणा में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने पुराने कमर्शियल डीजल वाहनों के खिलाफ सख्ती तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राज्य की वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत NCR क्षेत्र में आने वाले 14 जिलों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। सरकार की तैयारी के अनुसार इन जिलों में करीब 96,041 पुराने कमर्शियल डीजल वाहन चिन्हित किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से पुराने ट्रक और बसें शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, NCR के 14 जिलों में 81,079 ट्रक और 15,362 बसें ऐसी हैं, जिन्हें पुराने वाहन के तौर पर चिन्हित किया गया है। इन वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की ‘परिवर्तन योजना’ यानी वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत की जा रही है। इसका उद्देश्य पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम करना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार NCR में 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लागू है। इसी व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए परिवहन विभाग निगरानी बढ़ा रहा है।

इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। बैठक में हरियाणा परिवहन विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई और प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि हरियाणा परिवहन विभाग ने पुराने कमर्शियल वाहनों की पहचान और उनके रिकॉर्ड की निगरानी के लिए डिजिटल व्यवस्था को मजबूत किया है। इससे वाहनों के रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और अन्य रिकॉर्ड की जांच करना आसान हुआ है। परिवहन आयुक्त एवं सचिव अतुल द्विवेदी के अनुसार डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से ऐसे वाहनों पर नजर रखी जा रही है। विभाग पुराने वाहनों की पहचान के बाद नियमानुसार कार्रवाई करने की तैयारी में है। सरकार की योजना केवल पुराने वाहनों को सड़क से हटाने तक सीमित नहीं है। वाहन मालिकों को पुराने वाहन स्क्रैप करने और उनकी जगह नए वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। स्क्रैपिंग के बाद नया BS-VI ट्रक या बस खरीदने वाले पात्र वाहन मालिकों को प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। इनमें CNG, LPG और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

नई गाड़ी खरीदने पर रोड टैक्स में 10 से 25 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान बताया गया है। इससे पुराने कमर्शियल वाहनों के मालिकों को स्क्रैपिंग के बाद नया वाहन लेने में आर्थिक राहत मिल सकती है। सरकार का मानना है कि पुराने डीजल वाहनों को हटाने से NCR क्षेत्र में प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। खासकर भारी कमर्शियल वाहन प्रदूषण नियंत्रण की इस मुहिम में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं। हरियाणा के NCR में आने वाले 14 जिलों में इस अभियान का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में पुराने वाहनों की फिटनेस और दस्तावेजों की जांच को लेकर परिवहन विभाग की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है। वाहन मालिकों के लिए जरूरी है कि वे अपने वाहन की उम्र, फिटनेस, रजिस्ट्रेशन और लागू नियमों की स्थिति की जांच कर लें। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। सरकार की इस पूरी कवायद का मकसद पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर स्वच्छ ईंधन और आधुनिक BS-VI वाहनों को बढ़ावा देना है। इससे एक तरफ प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ वाहन स्क्रैपिंग को भी बढ़ावा मिलेगा।

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