UP News Today: सरकारी अस्पतालों के 26 डॉक्टर बर्खास्त, जानिए किन जिलों में हुई कार्रवाई

लखनऊ:- उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी से लंबे समय तक गैरहाजिर रहने और मरीजों के इलाज में लापरवाही बरतने के मामलों में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि अलग-अलग जिलों में तैनात 9 अन्य चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित रहने और चिकित्सकीय जिम्मेदारियों में लापरवाही से जुड़े मामलों की समीक्षा की थी। जांच और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
मरीजों के इलाज में लापरवाही पर सख्त रुख
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों की पहली जिम्मेदारी मरीजों को समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी से गैरहाजिर रहने या अपने चिकित्सकीय दायित्वों की अनदेखी करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति, ओपीडी और आईपीडी सेवाओं के साथ-साथ मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे इलाज की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं। उनका कहना है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन जिलों के डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई
बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में फिरोजाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर, हरदोई, महोबा, बुलंदशहर, लखनऊ, बलरामपुर, मथुरा, मीरजापुर, झांसी, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद, चंदौली, मैनपुरी, मऊ, सुलतानपुर और मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में तैनात चिकित्सक शामिल हैं।
बर्खास्त किए गए 26 डॉक्टर
विभागीय कार्रवाई के बाद डॉ. स्वदेश कुमार, डॉ. वीरेंद्र सिंह, डॉ. स्वाती विश्वकर्मा, डॉ. बृजेश यादव, डॉ. ईशान दीक्षित, डॉ. स्वाती आनंद, डॉ. मनोज कुमार चौरसिया, डॉ. मो. उताउर रहमान, डॉ. मनीष खन्ना, डॉ. अक्षय लेले, डॉ. राकेश फौजदार, डॉ. नरेंद्र कुमार जायसवाल, डॉ. निशा बुंदेला, डॉ. अचल सिंह, डॉ. शशांक वर्मा, डॉ. विशाल कुमार सिंह, डॉ. इंद्रजीत सिंह, डॉ. मोहम्मद शबाब खान, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. मुजफर अली, डॉ. कृष्ण मुरारी द्विवेदी, डॉ. फरयाद हुसैन, डॉ. तनवीर फरीदी, डॉ. आशुतोष शुक्ला, डॉ. सुशील कुमार खरवार और डॉ. कुंवर विक्रांत को बर्खास्त किया गया है।
9 डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई
इसके अलावा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और चिकित्सकीय कार्यों में लापरवाही के मामलों में 9 डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन डॉक्टरों में इटावा के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीनिवास यादव, रामपुर के डॉ. केक चहल, मेरठ की डॉ. संगीता चोपड़ा, बदायूं के कादरचौक सीएचसी के डॉ. अवधेश राठौर, भदोही के डॉ. संतोष चक, बलरामपुर के डॉ. सुमित कुमार, भदोही के डॉ. धीरज प्रकाश, गौतमबुद्ध नगर के डॉ. अरविंद मलिक और डॉ. असद शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को लेकर सरकार के सख्त रुख का संकेत मिला है।



