पासपोर्ट पर अपनी फोटो, लेकिन परिवार किसी और का! कथित फर्जीवाड़े ने चौंकाया

किसी दूसरे व्यक्ति के निजी पहचान दस्तावेजों का कथित तौर पर दुरुपयोग कर फर्जी पहचान के आधार पर पासपोर्ट बनवाने और उन्हीं दस्तावेजों के सहारे विदेश यात्राएं करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने शिकायतकर्ता की पहचान और पारिवारिक विवरण का इस्तेमाल कर अपने लिए दो पासपोर्ट जारी करवा लिए। शिकायतकर्ता बलविंदर सिंह की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के बाद मामले की जांच की गई। प्रारंभिक पड़ताल के आधार पर आरोपी मक्खन सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने उसके मूल पहचान दस्तावेजों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आरोपी ने 11 नवंबर 1998 को एक पासपोर्ट जारी करवाया था।
शिकायत के मुताबिक इस पासपोर्ट का नंबर A 6577757 था और इसकी वैधता 10 नवंबर 2008 तक थी। आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता की पहचान से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल कर यह पासपोर्ट हासिल किया। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि पहले पासपोर्ट की वैधता समाप्त होने के बाद आरोपी ने पुराने दस्तावेजों और पहचान संबंधी रिकॉर्ड का सहारा लेकर एक और पासपोर्ट बनवा लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर दूसरे पासपोर्ट में भी शिकायतकर्ता से जुड़े निजी और पारिवारिक विवरणों का इस्तेमाल किया गया। इसमें शिकायतकर्ता के माता-पिता और पत्नी के नाम तक के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि दस्तावेज और पारिवारिक विवरण शिकायतकर्ता के थे, जबकि पासपोर्ट पर कथित तौर पर आरोपी की अपनी तस्वीर लगी हुई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने पगड़ी वाली अपनी फोटो लगाकर फर्जी पहचान के आधार पर पासपोर्ट तैयार करवाया। आरोप है कि इसी कथित फर्जी पहचान और पासपोर्ट का इस्तेमाल कर आरोपी ने कई बार विदेश यात्राएं भी कीं। अब पुलिस आरोपी की यात्रा से संबंधित रिकॉर्ड और इमिग्रेशन हिस्ट्री की जांच करने में जुटी है। शिकायतकर्ता को जब इस कथित जालसाजी की जानकारी मिली तो उसने मामले की शिकायत पुलिस के पास दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने दस्तावेजों और पासपोर्ट रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों पासपोर्टों से संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड जुटाने के लिए संबंधित पासपोर्ट कार्यालय से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पासपोर्ट किस प्रक्रिया के तहत जारी हुए और उस समय कौन-कौन से दस्तावेज जमा कराए गए थे।
जांच एजेंसियां कथित तौर पर आरोपी की विदेश यात्राओं का पूरा रिकॉर्ड भी खंगालेंगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन पासपोर्टों का इस्तेमाल किन देशों की यात्रा के लिए किया गया और आरोपी ने कितनी बार विदेश यात्राएं कीं। मामले में यह भी जांच का विषय होगा कि पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन कैसे हुआ। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जीवाड़ा किसी एक व्यक्ति तक सीमित था या इसमें अन्य लोगों की भूमिका भी रही। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी दस्तावेजी साक्ष्यों और रिकॉर्ड की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपी से पूछताछ के बाद ही इस पूरे कथित फर्जीवाड़े और विदेश यात्राओं से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकेगा। यह मामला एक बार फिर निजी पहचान दस्तावेजों की सुरक्षा और सरकारी दस्तावेज जारी करने की सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगा कि कथित तौर पर इतने लंबे समय तक फर्जी पहचान का इस्तेमाल कैसे होता रहा।



