उत्तराखंड

अकेलेपन से लड़ रही माताओं को रचनात्मकता से जोड़ेगी सरकार, रेखा आर्या ने तैयार किया प्लान।

: राजनीति की गहमागहमी से दूर, उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या का एक अलग रूप देखने को मिला। गुरुवार को उन्होंने डालनवाला स्थित ‘प्रेम धाम’ और अम्बीवाला स्थित ‘मां गौरी ओल्ड एज होम’ में रह रही बुजुर्ग महिलाओं के साथ वक्त बिताया। इस दौरान कहीं आंसुओं का सैलाब उमड़ा, तो कहीं जीवन के कड़वे अनुभवों की दार्शनिक बातें सामने आईं।

“बेटे के जाने के बाद अकेली हो गई”: मंत्री के गले लगकर रो पड़ीं उषा देवी

मां गौरी ओल्ड एज होम में माहौल तब भावुक हो गया जब उषा देवी नाम की एक वृद्ध महिला मंत्री रेखा आर्या के गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगीं। उन्होंने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि बेटे के निधन के बाद परिवार ने भी साथ छोड़ दिया और वे दुनिया में बिल्कुल अकेली रह गई हैं। मंत्री ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकार और यह संस्थान ही अब उनका परिवार है।

दार्शनिक दर्द: “काश बच्चे कभी बड़े न होते”

प्रेम धाम आश्रम में एक महिला की बातों ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। जब मंत्री ने उनके अतीत के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, “काश बच्चे कभी बड़े न होते… छोटे थे तो साथ थे, बड़े हुए तो अपने परिवारों में इतने व्यस्त हो गए कि मां को ही भूल गए।” इस पर मंत्री ने महिलाओं को सकारात्मक रहने का संदेश दिया और विभागीय अधिकारियों को उनकी मेडिकल सुविधाओं के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

मंत्री रेखा आर्या की बड़ी घोषणाएं:

निरीक्षण के दौरान महिलाओं के सुझावों और समस्याओं को देखते हुए मंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए:

  1. समग्र कल्याण योजना: 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों के लिए जल्द ही एक व्यापक (Holistic) योजना लागू की जाएगी।

  2. ग्राम पंचायत स्तर पर केयर होम: गांवों में रहने वाले बुजुर्गों को अकेलापन न खले, इसके लिए पंचायत स्तर पर ‘ओल्ड एज केयर होम’ बनाने के प्रस्ताव पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

  3. रचनात्मक गतिविधियां: वृद्धाश्रमों में माताओं को संगीत, कला और अन्य रचनात्मक कार्यों से जोड़ा जाएगा ताकि वे पुरानी कड़वी यादों से बाहर निकल सकें।

  4. महिला दिवस का न्योता: आगामी महिला दिवस पर मंत्री ने इन माताओं को सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया और उनके आने-जाने के लिए विशेष बस सेवा की जिम्मेदारी भी ली।

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