उत्तराखंड

अंकिता केस ब्रेकिंग: उषा राणा माही बनाम दर्शन भारती; सबूतों को ठिकाने लगाने और वीआईपी के नाम पर नया खुलासा।

देवभूमि को झकझोर देने वाले अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की प्रतीक्षा के बीच अब ‘राजदारों’ के आपसी टकराव ने मामले को और अधिक उलझा दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता उषा राणा माही ने एक सनसनीखेज लाइव वीडियो जारी कर सीधे तौर पर दर्शन भारती को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उषा राणा का दावा है कि अंकिता को न्याय दिलाने के नाम पर सक्रिय कुछ लोग ही असल में सच को दबाने का काम कर रहे हैं।

‘कालनेमि’ के बहाने वीआईपी का जिक्र

उषा राणा माही ने पहले ‘कालनेमि’ के राज से पर्दा उठाने की बात कहकर सस्पेंस पैदा किया था, लेकिन अब उन्होंने सीधे दर्शन भारती का नाम लेकर आरोपों की झड़ी लगा दी है। उषा का आरोप है कि दर्शन भारती ने अंकिता हत्याकांड से जुड़े उन महत्वपूर्ण तथ्यों और सबूतों को जानबूझकर छिपाया है, जो उस बहुचर्चित ‘वीआईपी’ (VIP) का चेहरा बेनकाब कर सकते थे।

उर्मिला सनावर और साक्ष्यों को ठिकाने लगाने का दावा

इस विवाद के केंद्र में उर्मिला सनावर की भूमिका भी है। गौरतलब है कि उर्मिला जब 9 दिनों तक लापता रहने के बाद सामने आई थीं, तो उन्हें दर्शन भारती ही दिल्ली से देहरादून लाए थे। उषा राणा का आरोप है कि उर्मिला के पास जो भी साक्ष्य या जानकारियां थीं, उन्हें दर्शन भारती ने अपने पास रखकर ठिकाने लगा दिया। उषा ने सवाल उठाया है कि आखिर उर्मिला को दर्शन भारती का संरक्षण क्यों मिला और इसके पीछे असली एजेंडा क्या था?

सहानुभूति का खेल और सियासी लाभ

उषा राणा ने दर्शन भारती पर अंकिता के नाम पर केवल अपनी राजनीति चमकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अंकिता की हत्या से उपजी जनता की सहानुभूति को निजी स्वार्थ और सुर्खियों के लिए इस्तेमाल किया गया, जबकि असली राजदारों को बचाने की कोशिशें पर्दे के पीछे चलती रहीं।

CBI जांच से सच की उम्मीद

धामी सरकार द्वारा मामले की सीबीआई (CBI) जांच की संस्तुति के बाद अब यह मामला और भी पेचीदा हो गया है। उषा राणा और दर्शन भारती, जो कभी एक साथ न्याय की मांग करते नजर आते थे, आज आमने-सामने हैं। क्या उषा राणा के पास वाकई ऐसे कोई ठोस सबूत हैं जो अब तक जांच एजेंसियों के हाथ नहीं लगे? क्या सीबीआई इन ‘कथित राजदारों’ के मोबाइल डेटा और संपर्कों की जांच कर उस वीआईपी तक पहुंच पाएगी?

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