मुख्यमंत्री का मानवीय चेहरा: ‘जनता दर्शन’ में बेसहारा महिला की सुनी पुकार, पुलिस कमिश्नर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह अपने आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ के माध्यम से प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुना। इस दौरान सीएम योगी का एक ओर जहां कड़ा प्रशासनिक रुख देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर उनका अत्यंत कोमल और मानवीय पक्ष भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश का हर नागरिक सरकार के लिए परिवार के समान है और उनकी समस्याओं का निराकरण सरकार की प्राथमिकता है।
बेघर महिला को न्याय का भरोसा
जनता दर्शन में लखनऊ की रहने वाली सीमा अपनी दो मासूम बच्चियों के साथ पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि ससुर के निधन के बाद उनके पति और ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया है। दो छोटी बच्चियों के साथ वह दर-दर भटकने को मजबूर हैं। सीमा ने मुख्यमंत्री से ससुराल में रहने की जगह दिलाने और बच्चों के पालन-पोषण के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) को निर्देशित किया कि इस प्रकरण में उचित कानूनी कार्रवाई कर महिला को उसका हक दिलाया जाए। उन्होंने महिला को सांत्वना देते हुए कहा कि सरकार उनके सुख-दुख में पूरी तरह साथ खड़ी है।
जब ‘बाबा’ की गोद में खिलखिला उठी नन्ही अनन्या
जनता दर्शन के दौरान एक भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया जब मुख्यमंत्री बच्चों के बीच पहुंचे। सीमा के साथ आई दो वर्षीय बेटी अनन्या को देखते ही मुख्यमंत्री का बाल-प्रेम उमड़ पड़ा। उन्होंने अनन्या को दुलारा और उसे चॉकलेट भेंट की। जब मुख्यमंत्री ने खेल-खेल में अनन्या से चॉकलेट वापस मांगी, तो बच्ची ने अपनी मासूमियत से उसे सीएम की तरफ बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री और बच्ची के बीच इस संवाद को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भाव-विभोर हो गया।



