उत्तराखंड

बुजुर्ग महिलाओं के लिए नई उम्मीद: गांव-गांव जाकर सर्वे करेगी सरकार, तैयार हो रही है विशेष कल्याणकारी योजना।

उत्तराखंड सरकार नए साल में महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ को पहली बार धरातल पर उतारा जा रहा है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में विभागीय समीक्षा बैठक के बाद इस योजना के कार्यान्वयन की घोषणा की है।

एकल महिलाओं को 75 प्रतिशत सब्सिडी की सौगात

इस योजना का मुख्य उद्देश्य विधवा, तलाकशुदा और अविवाहित एकल महिलाओं को समाज में सम्मानजनक स्थान और आर्थिक आजादी दिलाना है।

  • प्रोजेक्ट कॉस्ट: योजना के तहत ₹2 लाख तक की स्वरोजगार परियोजनाओं को मंजूरी दी जाएगी।

  • बड़ी राहत: पात्र महिलाओं को प्रोजेक्ट की कुल लागत पर 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाएगी।

  • लाभार्थियों का चयन: अब तक प्रदेशभर से 504 योग्य महिलाओं की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है, जिन्हें अगले महीने से लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, 331 अन्य महिलाओं के दस्तावेजों की जांच अंतिम चरण में है।

वृद्ध महिलाओं के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना

एकल महिलाओं के साथ-साथ सरकार ने अब राज्य की वृद्ध महिलाओं की सुध लेने का भी निर्णय लिया है। मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि वृद्ध महिलाओं को स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और भावनात्मक सहयोग देने के लिए एक नई योजना तैयार की जा रही है।

  • गांव-गांव होगा सर्वे: योजना को प्रभावी बनाने के लिए विभाग के अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर वृद्ध महिलाओं का डेटा जुटाएंगे।

  • सुझावों पर आधारित योजना: अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बुजुर्ग महिलाओं से मिलकर उनके सुझाव लें, ताकि योजना उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनाई जा सके।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

मंत्री रेखा आर्या ने जोर दिया कि स्वरोजगार के माध्यम से महिलाएं न केवल खुद आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि वे अन्य लोगों को भी रोजगार देने में सक्षम होंगी। यह कदम उत्तराखंड के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को एक नई दिशा प्रदान करेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button