उत्तराखंड

बांस की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय; मंत्री गणेश जोशी ने सस्टेनेबल फैशन को दिया बढ़ावा।

उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सस्टेनेबल उद्योग को एक नई दिशा देने के लिए प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। उनके शासकीय आवास पर ‘हाउस ऑफ स्वाशा’ (House of Swasha) ब्रांड की सह-संस्थापक स्वाति खंडूरी डिमरी ने उनसे भेंट की और बांस (Bamboo) से बने पर्यावरण-अनुकूल परिधानों की नई रेंज पेश की।

बांस से बने परिधान: फैशन और पर्यावरण का बेजोड़ संगम

मुलाकात के दौरान स्वाति खंडूरी डिमरी ने बताया कि उनका ब्रांड 100% प्राकृतिक सामग्री का उपयोग कर ‘इको-फ्रेंडली फैशन’ को बढ़ावा दे रहा है।

  • नई पेशकश: ब्रांड ने बांस से निर्मित क्लासिक फिट टॉप्स, मोजे और प्रीमियम ऑर्गेनिक कॉटन का पुरुष कलेक्शन तैयार किया है।

  • विशेषताएं: ये परिधान पूरी तरह ऑर्गेनिक हैं, जो न केवल पहनने में आरामदायक हैं बल्कि पर्यावरण पर भी न्यूनतम प्रभाव डालते हैं।

  • स्थानीय रोजगार: यह पहल उत्तराखंड के स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने और नैतिक उत्पादन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

किसानों की आय बढ़ाने का बनेगा जरिया

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए इसे सीधे किसानों की आय से जोड़ने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा:

  1. किसानों को लाभ: राज्य में बांस आधारित उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे बांस की खेती करने वाले किसानों को सीधा बाजार और मुनाफा मिलेगा।

  2. ग्रामीण अर्थव्यवस्था: बांस उत्पादन और सस्टेनेबल उद्योगों के तालमेल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

  3. सरकारी प्रोत्साहन: सरकार विभिन्न स्तरों पर बांस उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य कर रही है और राज्य में इसके उपयोग को और विस्तार दिया जाएगा।

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